रोड़ मराठा होंगे रेजीमेंट में भर्ती
Jun 03, 12:11 am
करनाल, जागरण संवाद केंद्र
मराठा रेजीमेंट में अब प्रदेश में रह रहे रोड़ बिरादरी के युवाओं के लिए दरवाजे खुल गए हैं। भारत सरकार ने रोड़ मराठों को मराठा समाज का वंशज मानते हुए मराठा रेजीमेंट में भर्ती करने का फैसला लिया है। सरकार ने यह फैसला मराठा जागृति मंच हरियाणा द्वारा उठाई गई मांग और पूरा रिकार्ड जुटाने के बाद लिया है।
भारत सरकार के इस फैसले का खुलासा मराठा जागृति मंच हरियाणा के अध्यक्ष मराठा वीरेंद्र वर्मा ने करनाल में पत्रकारों के समक्ष किया है। वह एकता शक्ति के अध्यक्ष भी हैं। उन्होंने बताया कि भारत सरकार के आदेश पर मराठा रेजिमेंट ने भी मंच के नाम रोड़ समाज के युवाओं की भर्ती के लिए लेटर भेज दिया है। तीन माह बाद यह भर्ती पानीपत में होगी और इसमें प्रदेश के सभी रोड़ मराठा समाज के युवाओं को भर्ती किया जाएगा। इस बारे में भारत सरकार सहित रक्षा मंत्री विशेष योगदान रहा है।
मराठा वीरेंद्र वर्मा ने खुलासा किया कि प्रदेश में रह रहे रोड़ मराठा और मराठा महाराणा प्रताप के वंशज थे। सन 1761 में पानीपत की तीसरी लड़ाई में किन्हीं कारणों के चलते रोड़ मराठा अलग हो गए और 240 सालों के बाद उन्हें अपना हक मिला है। रोड़ मराठों को मराठों के वंशज मानने के फैसले पर पहुंचने के लिए छत्रपति शिवाजी महाराज के परिवार, कोल्हापुर के राजघराना, मराठा समाज से जुड़े प्रतिष्ठित इतिहासकार, मराठा सेवा संघ व समाज के दिग्गज राजनीतिज्ञों का अहम योगदान रहा है।
उन्होंने बताया कि करनाल में 27 नवंबर 2005 को एक कार्यक्रम में पहुंचे छत्रपति शिवाजी के परिवार ने भी रोड़ मराठों को मराठा घोषित कर दिया था। रोड़ मराठों को मराठा जाति में शामिल करने और मराठा रेजीमेंट में युवाओं की भागीदारी के लिए मराठा जागृति मंच हरियाणा ने अहम भूमिका निभाई। वीरेंद्र वर्मा ने बताया कि प्रदेश में इस समय करीब साढ़े छह लाख रोड़ बिरादरी के लोग हैं और इस जाति से लगभग दस हजार बेरोजगार युवक हैं। मराठा रेजीमेंट की पानीपत में होने वाली भर्ती में हजारों युवाओं को रोजगार मिलेगा। पत्रकारवार्ता में मंच के प्रवक्ता डा. ओमप्रकाश टूरन, जीत सिंह झींडा, राजेंद्र तंवर भिवानी, नरेंद्र चौधरी, डा. मागे राम चोपड़े, डा. चरता राम व श्याम सिंह मौजूद रहे।
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